प्रत्नकीर्तिमपावृणु = कर प्रयत्न; कि पुरखों की थाती, पहुंचे उनकी सन्ततियों तक.

‘प्रत्नकीर्ति’ : संस्थान की षाण्मासिक समीक्षित शोध-पत्रिका

प्रस्तावित पुरस्कार

सम्पादक

डा. लालाशंकर गयावाल (राजस्थान)

डा. प्रियव्रत मिश्र (ओडिशा)

प्रत्नकीर्ति प्राच्य शोध संस्थान
आराजी-469, सत्यम् नगर, भगवानपुर, बी.एच.यू., वाराणसी, उ. प्र., भारत, पिन-221005