‘अखिल भारतीय मुस्लिम‑संस्कृत संरक्षण एवं प्राच्य शोध संस्थान’

शोधपत्र / पुस्तक प्रेषण-विधि


शोधपत्र प्रेषण-विधि

  1. शोधपत्र निर्दिष्ट प्रारूप के अनुसार ही स्वीकृत होंगे ।
  2. लेखकों को इस विषय में पूर्ण-आश्वस्त हो लेना चाहिए कि प्रस्तुत शोधपत्र अन्यत्र कहीं भी प्रकाशित अथवा प्रकाश्य नहीं है।
  3. लेखकों को शोधपत्र स्वयं के ई-मेल द्वारा ही भेजना चाहिए, ऐसा न होने पर उन्हें प्रकाशन सम्बन्धी सूचनाओं से अवगत कराना सम्भव नहीं होगा।
  4. समस्त प्रकाश्य शोधपत्र समीक्षकों के पास बिना किसी पहचान-संकेत के भेजे जाते हैं ताकि पत्रों की निष्पक्ष समीक्षा हो सके अत: कोई भी शोधपत्र अस्वीकृत हो सकता है अथवा आवश्यक शुद्धि हेतु लौटाया जा सकता है।
  5. शोधपत्र २ पृष्ठों से कम और ५० पृष्ठों से अधिक नहीं होना चाहिए।
  6. समस्त शोधपत्र तथा एतत्सम्बन्धी ई-मेल केवल – editor.pratnakirti@gmail.com पर ही भेजे जाने चाहिए।

  7. पुस्तक प्रेषण-विधि

  8. ‘प्रत्नकीर्ति’ में ‘कृति-परिचय’ स्तम्भ के अन्तर्गत प्रकाशित पुस्तकों की समीक्षाएं भी प्रकाशित की जाती हैं अत: लेखकों तथा प्रकाशकों से कृतियाँ आमन्त्रित हैं।
  9. समीक्ष्य पुस्तक २ प्रतियों में भेजी जानी चाहिए।
  10. यदि पुस्तक की ‘समीक्षा’ भी भेजी जा रही हो तो प्रकाशित-पुस्तक की १ प्रति भी भेजी जानी चाहिए।
  11. समीक्ष्य पुस्तक / समीक्षा (पुस्तक की १ प्रति सहित) केवल रजिस्टर्ड-डाक द्वारा - ‘सम्पादक – प्रत्नकीर्ति, अखिल भारतीय मुस्लिम-संस्कृत संरक्षण एवं प्राच्य-शोध-संस्थान’, आराजी नं. ४६९, सत्यम्-नगर कालोनी, भगवानपुर, लंका, वाराणसी, उ०प्र०, भारत, पिन-२२१००५’ पर ही भेजी जानी चाहिए।