प्रत्नकीर्तिमपावृणु = कर प्रयत्न; कि पुरखों की थाती, पहुंचे उनकी सन्ततियों तक.

प्रत्नकीर्ति : षाण्मासिक समीक्षित शोध-पत्रिका, ISSN 2322-0694


प्राचीन अंक

भाग-1, अंक-1, जनवरी-मार्च 2014
भाग-1, अंक-2, एप्रिल-जून 2014
भाग-1, अंक-3 , जुलाई-सितम्बर 2014
भाग-1, अंक-4 ,अक्त्कूब-दिसम्बर 2014
भाग-2, अंक-1, जनवरी-मार्च 2015
भाग-2, अंक-2, जून-दिसम्बर 2021
प्रत्नकीर्ति प्राच्य शोध संस्थान
आराजी-469, सत्यम् नगर, भगवानपुर, बी.एच.यू., वाराणसी, उ. प्र., भारत, पिन-221005