प्रत्नकीर्तिमपावृणु = कर प्रयत्न; कि पुरखों की थाती, पहुंचे उनकी सन्ततियों तक.

प्रत्नकीर्ति : षाण्मासिक समीक्षित शोध-पत्रिका, ISSN 2322-0694

समीक्षक-मण्डल

सम्पादक

डा. लालाशंकर गयावाल (राजस्थान)

डा. उमेश कुमार सिंह (उत्तराखण्ड)

प्रत्नकीर्ति प्राच्य शोध संस्थान
आराजी-469, सत्यम् नगर, भगवानपुर, बी.एच.यू. वाराणसी, उ. प्र., भारत, पिन-221005