प्रत्नकीर्तिमपावृणु = कर प्रयत्न; कि पुरखों की थाती, पहुंचे उनकी सन्ततियों तक.

हमारी गतिविधियाँ / परियोजनाएँ

  1. अज्ञात एवं दुर्लभ‑कृति प्रकाशन माला
    • क. संस्कृत‑वाङ्मय के अज्ञात‑अल्पज्ञात साहित्य (पाण्डुलिपियों) की खोज, उनका अध्ययन, सम्पादन एवं प्रकाशन.
    • ख. हिन्दी‑साहित्य के अज्ञात साहित्य (पाण्डुलिपियों) की खोज, उनका अध्ययन, सम्पादन एवं प्रकाशन.
  2. ‘संस्कृत‑साहित्य को मुस्लिमों का योगदान’ शीर्षक से सम्बद्ध विषय पर शोध/अनुसन्धान एवं उनका प्रकाशन.
  3. संस्कृत‑वाङ्मय के ज्ञात‑साहित्य के अज्ञात, अल्पज्ञात, अनालोचित पक्षों पर शोध/अनुसन्धान एवं उनका प्रकाशन.
  4. संस्कृत के प्राचीन तथा नवीन कवि, आचार्य, लेखक, इतिहासकार आदि की स्मृति में समारोहों का आयोजन.
  5. संस्कृत‑सेवी मुस्लिम विद्वान्, कवि तथा आचार्यों की स्मृति में समारोहों आदि का आयोजन.
  6. संस्कृत‑सेवी मुस्लिम विद्वानों की संस्कृत‑कृतियों, संस्कृत से अरबी‑फारसी‑उर्दू में अनूदित‑ग्रन्थों तथा अरबी‑फारसी‑उर्दू से संस्कृत में अनूदित‑ग्रन्थों का संकलन, अध्ययन, शोध, प्रकाशन आदि.
  7. संस्कृत‑साहित्य का भारतीय तथा विदेशी भाषाओं‑उपभाषाओं‑बोलियों में अनुवाद.
  8. अन्य भारतीय तथा विदेशी भाषाओं‑उपभाषाओं‑बोलियों के साहित्य का संस्कृत में अनुवाद.
  9. संस्कृत‑सेवी भारतीय तथा विदेशी विद्वानों के चित्रों का संग्रह. उनके व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर सामग्री संकलन.
  10. सरल तथा सुगम रीति से संस्कृत‑शिक्षण की प्रविधियों पर शोध, पाट्यक्रम‑निर्माण, प्रकाशन एवं कक्षाओं का सञ्चालन.